हर साल लाखों बच्चें कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में बैठते है। दोस्तों हिन्दी के पेपर में अलंकार से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते है। आज के इस लेख में हम आपको अलंकार की परिभाषा (Alankar ki Paribhasha) बताने वाले है तो आप लोग इस लेख को पूरा अंत तक जरूर पढ़ें।
अलंकार की परिभाषा: Alankar ki Paribhasha
किसी काव्य, गद्य, या साहित्यिक रचना को शब्दों की सुंदरता, प्रभाव और भावनात्मक गहराई से अलंकृत करने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं। जैसे गहनों से शरीर की शोभा बढ़ती है, वैसे ही अलंकार से भाषा की सुंदरता और प्रभावशीलता बढ़ती है।
चलिए अब जानते हैं उपमा, रूपक और उत्प्रेक्षा अलंकार के परिभाषा और उदाहरण के बारे में।
उपमा अलंकार: Upma Alankarki Paribhasha
जहां पर किसी एक वस्तु की तुलना दूसरी वस्तु के रूप, रंग, धर्म या आकार के आधार पर तुलना की जाती है उसे उपमा अलंकार कहते है।
उपमा अलंकार के उदाहरण
- उसका चेहरा चाँद के समान चमकता है।
- वह शेर जैसा बहादुर है।
- उसके बाल रेशम जैसे मुलायम हैं।
- बच्चे की हँसी फूलों सी कोमल है।
- वह हिरन की तरह तेज दौड़ता है।
रूपक अलंकार: Rupak Alankar Ki Paribhasha
जहां उपमेय या उपमान को एक रूप में मान लिया जाता है, वहां रूपक अलंकार होता है।
रूपक अलंकार के उदाहरण
- वह रण का शेर है।
- नारी सहनशीलता की मूरत है।
- गुरु ज्ञान का सागर है।
- बालक देश का भविष्य है।
- प्रेम जीवन की धड़कन है।
उत्प्रेक्षा अलंकार: Utpreksha Alankar Ki Paribhasha
जहां उपमेय में उपमान की संभावना प्रकट की जाए, वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। इन अलंकार में मनु, मानहुँ, जन, जानहुँ, मानो जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
उत्प्रेक्षा अलंकार के उदाहरण
- ऐसा लगता है मानो चाँद धरती पर उतर आया हो।
- उसकी चाल देखकर मानो हिरन चल रहा हो।
- नदी की कलकल ध्वनि से जैसे वह गाना गा रही हो।
- बालक को देखकर लगता है मानो साक्षात् देवता हो।
- आकाश में बादल ऐसे छाए हैं मानो धरती से बातें कर रहे हों।
निष्कर्ष
दोस्तों हमें उम्मीद है आपको अलंकार की परिभाषा और उदाहरण अच्छे से समझ में आए होंगे और आप लोग इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें जो कक्षा 10 और कक्षा 12 में है।
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