kabir Das ka Jivan Parichay: कबीर दास का जीवन परिचय, रचनाएं और भाषा शैली

Kabir Das Ka Jivan Parichay: कबीर दास 15वीं सदी के एक महान संत, कवि और समाज सुधारक थे, इनका जन्म 1398 ई. में वाराणसी (अब काशी) के पास लहरतारा में एक जुलाहा परिवार में हुआ था। दोस्तों आज के इस लेख में हम कबीर दास का जीवन परिचय लिखना सीखेंगे। इसे पढ़ कर आप अपने एग्जाम में अच्छे से लिख पाएंगे। आप इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें। चलिए जानते है (Kabir Das Ka Jivan Parichay in Hindi) स्टेप बाय स्टेप लिखने का तरीका।

कबीर दास जी का संक्षिप्त परिचय – Kabir Das Ji Ka Sankshipt Parichay

जन्मसंवत् 1455 विक्रमी (सन् 1398 ई.)
जन्म स्थानकाशी (उत्तर प्रदेश)
गुरुस्वामी रामानन्द
पत्नीलोई
पुत्रीकमाली
पुत्रकमाल
रचनाएँसाखी, सबद, रमैनी
मृत्युसंवत् 1575 विक्रमी (सन् 1518 ई.)

कबीर दास का जीवन परिचय – kabir Das ka Jivan Parichay

संत कबीर दास (Kabir Das) का जन्म संवत् 1455 (सन् 1398 ई.) काशी उत्तर प्रदेश में एक जुलहा परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम नीरू एवं माता का नाम नीमा था। हालांकि कुछ विद्वानों का यह भी मत है। की कबीर किसी विधवा ब्राह्मणी के पुत्र थे। जिसने लोक लाज के भय से जन्म देते ही इन्हें त्याग दिया था। नीरू एवं नीमा को ये कही पड़े हुए मिले थे। और उन्होंने इनका पालन पोषण किया। कबीर दास के गुरु प्रसिद्ध संत स्वामी रामानन्द जी थे। कबीर के पत्नी का नाम लोई था। और कबीर दास के दो संतानें थी। पुत्र का नाम कमाल और पुत्री का नाम कमाली था। अधिकांश विद्वानों के अनुसार कबीर दास 1575 वि. (सन् 1518 ई.) मगहर में स्वर्गवासी हो गए।

कबीर दास जी पढ़ें लिखे नहीं थे। उन्होंने स्वयं ही कहा था। मसि कागद छुयो नाही, कलम गहयो नाही हाथ। उन्होंने स्वयं अपनी रचनाओं को लिखा है। इसके पश्चात भी उनकी वाणियों के संग्रह के रूप में रचित कई ग्रंथों का उल्लेख मिलता है।

कबीर दास की रचनाएं – Kabir Das Ki Rachnaye In Hindi

कबीर दास जी पढ़ें लिखे नहीं थे, पढ़ें लिखे न होने के कारण कबीर ने स्वयं कुछ नहीं लिखा इनके शिष्य धर्मदास ने इनकी रचनाओं (Kabir Das Ki Rachnaye Ke Naam) का संकलन ‘बीजक’ नामक ग्रन्थ में किया है। जिसके तीन खण्ड है।

  1. साखी
  2. सबद
  3. रमैनी

कबीर दास जी की भाषा शैली – Kabir Das Ki Bhasha Shaili

कबीर दास की भाषा पंचमेल या खिंचडी है। इसमें हिन्दी के अतरिक्त पंजाबी, राजस्थानी, भोजपुरी, बुन्देलखण्डी आदि भाषाओं के शब्द आ गए है। कबीर के शैली पर उनके व्यक्तित्व का प्रभाव है। उसमें हृदय को स्पर्श करने वाली अद्भुत शक्ति है।

FAQs

Q. कबीर का पूरा नाम क्या है?

Ans. कबीर का पूरा नाम संत कबीरदास है, और उन्हें प्यार से कबीर साहब या कबीरा भी कहा जाता है।

Q. कबीर दास का जन्म कब और कहां हुआ था।

Ans. संत कबीर दास का जन्म सन् 1398 ई. काशी उत्तर प्रदेश में हुआ था।

Q. कबीर दास के गुरु कौन थे?

Ans. कबीर दास के गुरु का नाम स्वामी रामानन्द है।

Q. कबीरदास की मृत्यु कब और कहाँ हुई थी?

Ans. कबीर दास की मृत्यु 1575 वि. (सन् 1518 ई.) में मगहर में हो गया।

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